प्रख्यात समाजवादी नेता कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया की 111वीं जयंती मनाई गई, गरीबों और जरूरतमंदों के मसीहा थे

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अर्जुन सिंह भदौरिया

देश के प्रख्यात समाजवादी विचारक और लोकनेता लोकनायक जयप्रकाश नारायण और डॉक्टर राम मनोहर लोहिया के निकट सहयोगी रहे स्वर्गीय कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया की 111वीं जयंती मनाई गई। इटावा के लोहिया गांव में स्थानीय नागरिकों और युवाओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित किया। इस दौरान कोविड गाइडलाइन का भी पालन किया गया।

चंबल के डाकुओं के आत्मसमर्पन में महत्वपूर्ण भूमिका

कमांडर अर्जुन सिंह भदौरिया इटावा ही नहीं बल्कि देश के अग्रणी समाजवादी आंदोलन के नेता रहे हैं। उन्होंने चंबल के डाकुओं का लोकनायक जयप्रकाश नारायण के समक्ष आत्मसमर्पन कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने देश को अंग्रेजों से मुक्त कराने के लिए लाल सेना का भी गठन किया था।

इटावा से चार बार सांसद रहे

कमांडर भदौरिया यूपी के इटावा से 4 बार सांसद चुने गए। वे हमेशा गरीबों और जरूरतमंदों की मदद के लिए आवाज उठाते रहे। उन्होंने जमीनी स्तर पर समाजवादी आंदोलन को मजबूत किया। उनकी लिखी पुस्तक ‘नींव के पत्थर’ में स्वतंत्रता संग्राम आंदोलन और समाजवादी आंदोलन का जीवांत दर्शन मिलता है।

भदौरिया के जयंती पर उनके पुत्र और बीएसपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधींद्र भदौरिया और समाजसेविका रंजना भदौरिया, पूर्व सांसद के सी त्यागी सहित कई प्रबुद्ध लोगों ने अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की और कमांडर भदौरिया के बताए रास्ते पर चलने का संकल्प भी लिया।

अर्जुन सिंह भदौरिया महाविद्यालय में भी हुआ जयंती समारोह

आजादी आंदोलन के जुझारू नेतृत्व के लिए कमांडर भदौरिया जाने जाते हैं। अर्जुन सिंह भदौरिया महाविद्यालय में भी कमांडर भदौरिया की जयंती सादगी के साथ मनाया गया। इस मौके पर महाविद्यालय के कर्मचारियों ने भदौरिया की मूर्ति पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्रबंधक बीरभान सिंह भदौरिया, धर्मेंद्र सिंह चौहान सहित सभी कर्मचारी भी उपस्थित रहे।