तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं? जानें तुलसी माता की पूजा विधि

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तुलसी को सिंदूर लगाना
तुलसी को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं

तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं – हिंदू धर्म शास्त्र में तुलसी का बहुत ही अधिक महत्व बताया गया है। प्रत्येक हिंदू धर्मावलंबी के घरों में तुलसी का पौधा जरूर पाया जाता है। तुलसी का पौधा मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। तुलसी की पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और व्यक्ति पर अपना आशीर्वाद हमेशा बनाए रखती हैं। इसलिए तुलसी के पौधे को पूजनीय और वंदनीय माना गया है।

इस आर्टिकल में जानेंगे कि तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं और तुलसी माता की पूजा कैसे करना चाहिए? इसके साथ साथ तुलसी पूजा के फायदे और नियम भी बताए जा रहे हैं।

तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं

कई लोगों के मन में शंका होती है कि तुलसी माता को सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं। आपको बता दें कि शास्त्रों में कहा गया है कि तुलसी माता की पूजा करते वक्त तुलसी माता को सिंदूर लगाया जा सकता है।

तुलसी माता की पूजा कैसे की जाती है

तुलसी माता का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विधि विधान से उनकी पूजा करना बहुत ही जरूरी है। तुलसी की पूजा करने के दौरान यदि आप से कोई गलती होती है तो आप तुरंत ही माता तुलसी से इस बात के लिए क्षमा मांग लें। इससे जीवन में होने वाले अनिष्ट कट जाते हैं।

  • प्रतिदिन सुबह उठकर स्नानादि के बाद पूजा स्थल पर जाकर देवी देवताओं की पूजा करना चाहिए। उसके पश्चात तुलसी माता की भी पूजा करना चाहिए।
  • तुलसी माता की पूजा हमेशा गाय के देसी घी का दीपक जलाकर ही करना चाहिए। जिस घर में तुलसी का पौधा लगा हुआ होता है वहां पर सुबह और शाम दोनों ही समय तुलसी के पौधे के समीप गाय के घी का दीपक जलाना चाहिए।
  • तुलसी माता दीपक अर्पित करने के बाद उन्हें जल अर्पित करना चाहिए। इसके बाद तुलसी माता की परिक्रमा जरूर करें।
  • यदि आपके घर में तुलसी का पौधा नहीं है तो आप तुलसी का पौधा लगा सकते हैं। तुलसी का पौधा कार्तिक महीने में गुरुवार के दिन लगाना बहुत ही शुभ माना जाता है।
  • तुलसी माता को जल अर्पित करने के बाद सिंदूर तथा हल्दी भी अर्पित किया जा सकता है। जिन घरों में तुलसी का पौधा होता है, उन्हें नियमित रूप से तुलसी माता की पूजा करनी चाहिए।

तुलसी की पूजा के नियम

तुलसी की पूजा करने के कुछ नियम बताए गए हैं जिन्हें जानना जरूरी है। नियम पूर्वक पूजा करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त होता है।

1. यदि आपके घर में तुलसी का पौधा है तो नियमित रूप से उनकी पूजा आवश्यक होता है।

2. तुलसी के पौधे को नियमित रूप से सुबह और शाम जल अर्पित करना चाहिए।

3. तुलसी के पौधे के समीप शाम के समय घी का दीपक अवश्य जलाना चाहिए।

4. तुलसी माता की पूजा चप्पल, जूता इत्यादि पहनकर नहीं करना चाहिए।

5. जिस जगह पर तुलसी का पौधा लगा हुआ है वहां आसपास के जगह को हमेशा साफ रखना चाहिए।

6. तुलसी माता की पूजा करने के बाद उनकी परिक्रमा जरूर करना चाहिए।

तुलसी की पूजा करने के फायदे

तुलसी के पौधे को जल अर्पित करने से कई प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं। शास्त्रों में कहा गया है कि तुलसी माता की पूजा करने से भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं।

  • जिन घरों में तुलसी की पूजा की जाती है वहां हमेशा मानसिक शांति बनी रहती है।
  • तुलसी की पूजा करने से घर में हमेशा सुख समृद्धि बनी रहती है।
  • तुलसी की पूजा करने से घर में हमेशा पवित्रता का माहौल बना रहता है और वातावरण भी हमेशा सकारात्मक रहता है।
  • घर में हमेशा सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता रहता है और घर के सदस्यों के बीच कभी भी मनमुटाव नहीं होता।
  • तुलसी माता की पूजा करने से घर में कलह और अशांति से छुटकारा मिलता है।
  • जिन घरों में तुलसी माता की पूजा नियमित रूप से होती है उन घरों में मां तुलसी का वास होता है।
  • माता तुलसी की पूजा करने से मां लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं और घर में हमेशा धनधान्य की वृद्धि होती है।

तुलसी पौधे के कुछ उपाय

यदि आपके जीवन में कुछ अच्छा नहीं हो रहा है तो तुलसी माता के कुछ ऐसे उपाय हैं जिन्हें करने से आपको लाभ अवश्य प्राप्त होगा।

  • रविवार के दिन तुलसी माता को जल की जगह दूध अर्पित करने से मां लक्ष्मी का वास आपके घर में हमेशा रहता है।
  • यदि घर में किसी भी प्रकार का वास्तु दोष है तो घर के दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से यह वास्तु दोष दूर हो जाता है।
  • यदि आपके घर में बेटी की शादी नहीं हो पा रही है तो घर की बेटी से तुलसी माता को जल अर्पित करवाएं और तुलसी माता से अपनी मनोकामना कहें। ऐसा करने से बेटी की शादी का योग जल्द ही बनने लगता है।
  • यदि आपको व्यापार में नुकसान झेलना पड़ रहा है तो शुक्रवार के दिन तुलसी माता को कच्चा दूध अर्पित करने के बाद मिष्ठान का भोग लगाएं। उसके बाद बचे हुए भोग को किसी सुहागन स्त्री को दान कर दें। ऐसा करने से आपका व्यापार अच्छा चलने लगेगा।