केरल विधानसभा में लक्षद्वीप प्रशासक के सुधारों के विरोध में प्रस्ताव पेश

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पिनाराई विजयन का प्रस्ताव

तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा में आज लक्षद्वीप के प्रशासक के सुधारों को लेकर वहां उठे विरोध का समर्थन करने के लिए वामदलों की अगुवाई वाले गठबंधन लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) की सरकार ने एक प्रस्ताव पेश किया। इनका आरोप है कि भाजपा यहां अपने एजेंडे को थोपने और लागू करने का प्रयास कर रही है।

सोमवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि लक्षद्वीप में भगवा एजेंडे और कॉर्पोरेट हितों को लागू करने के लिए जबरन स्वदेशी जीवन को नष्ट करने के लिए जानबूझकर प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल कोडभायी पटेल के द्वारा लक्षद्वीप में नारियल के पेड़ों को केसरिया रंग में रंग कर स्थानीय जीवन शैली एवं पारिस्थतिकी तंत्र को नष्ट करने और पीछे के दरवाजे से ‘भगवा एजेंडे’ को लागू करने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि द्वीप के लोग शांतिप्रिय हैं और वे अपने मेहमानों की मेजबानी करना पसंद करते हैं। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रशासन ने जनता के विरोध को दबाने के लिए निरंकुश रवैया अपनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासक ऐसे कदम उठा रहा है जो धीरे-धीरे लोगों के एक समूह के जीवन और संस्कृति को नष्ट कर रहे हैं। सभी लोकतांत्रिक संस्थानों को नष्ट करने और उन्हें अधिकारियों के शासन में लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला पंचायत और ग्राम द्वीप पंचायत को पहले ही प्रशासक के अधीन लाया जा चुका है।

उल्लेखनीय है कि लक्षद्वीप के प्रशासक के वहां के नारियल के पेड़ों को केसरिया रंग से रंगने के खिलाफ स्थानीय लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। केरल सरकार ने द्वीप के लोगों का समर्थन करते हुए आज विधानसभा में प्रस्ताव पेश किया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि प्रशासन ने गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने, मछली पकड़ने के उपकरण को नष्ट करने और डेयरी फार्मों को बंद करने का प्रयास किया है।