चक्रवाती तूफान ताउते: अबतक 70 शव मिले, 16 अभी भी लापता, जारी रहेगा बचाव अभियान

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भारतीय नौसेना बचाव कार्य

नई दिल्ली। भारत के पश्चिमी तट पर चक्रवात तूफान ताउते के दौरान समुद्री लहरों में फंसकर एफकॉन्स कंपनी के जहाज बार्ज पी-305 और टग वरप्रदा के डूबने के बाद सातवें दिन तक 70 शव बरामद किये जा चुके हैं। इनमें से 8 कर्मचारियों के शव महाराष्ट्र में रायगढ़ जिले में तट के किनारे और 8 शव गुजरात तट के साथ वलसाड के पास से मिले हैं। डूबे हुए जहाजों और अभी भी लापता 16 कर्मचारियों का पता लगाने के लिए क्षेत्र में नौसेना के जहाजों और हेलीकॉप्टरों, विमानों से खोज और बचाव अभियान जारी रहेगा।

नौसेना ने विशेष टीमों और उपकरणों का उपयोग करके सर्वेक्षण जहाज के जरिये पानी के भीतर खोज करने की योजना के तहत मुंबई से आईएनएस मकर और आईएनएस तरासा जहाजों के साथ विशेष डाइविंग दल शनिवार की सुबह रवाना किया था। आईएनएस मकर एक विशेष जहाज है, जिसमें साइड स्कैन सोनार क्षमता है, जिसका उपयोग हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण के लिए किया जाता है। उसके पास ऑनबोर्ड सर्वेक्षण मोटरबोट, स्वायत्त पानी के नीचे वाहन और दूर से संचालित वाहन भी हैं।

आईएनएस मकर ने उन्नत साइड स्कैन सोनार का उपयोग करके समुद्र की गहराइयों में जहाज बार्ज पी-305 और टग वरप्रदा के शेष क्रू की खोज शुरू कर दी है। इसके साथ ही डाइविंग ऑपरेशन भी शुरू कर दिया गया है। अब तक 188 लोगों को जीवित बचाया जा चुका है और 70 शव मिले हैं। खोजबीन व बचाव अभियान में पहले से ही आईएनएस कोच्चि, कोलकाता, ब्यास, बेतवा, तेग, पी-8आई समुद्री निगरानी विमान, चेतक, एएलएच और सीकिंग हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं।

इस बीच पेट्रोलियम मंत्रालय के नए अपडेट के मुताबिक, चक्रवात तूफान ताउते के वक्त 5 तैरते जहाजों में कुल 714 कर्मी प्रभावित हुए। तीन जहाजों सागर भूषण, गैल कंस्ट्रक्टर और एसएस-3 के सभी 440 चालक दल सुरक्षित लौटे। दो डूबे हुए जहाजों पी-305 में 261 और टग वरप्रदा में चालक दल की संख्या 13 थी। इन 274 में से अब तक वरप्रदा के 2 और पी-305 के 186 कर्मचारियों को जीवित बचाया गया है। लापता 86 लोगों में से 70 शव बरामद किये जा चुके हैं। यानी 16 कर्मचारियों की तलाश अभी भी बाकी है। ​

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय ने ​तूफ़ान ​तौकते की वजह से​ समुद्र में ओएनजीसी के जहाजों के फंसे होने की घटनाओं को लेकर एक उच्च-स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया है​​​​​।​​​ इससे पहले मुंबई पुलिस ने नाव के कैप्टन राकेश बल्लव के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी​​।​​​ राकेश बल्लव पर चीफ इंजीनियर ने लापरवाही का आरोप लगाया था, जिसके चलते सैकड़ों लोगों की जान मुश्किल में आ गई थी​​।