टैक्टर मार्च से पहले ही किसानों को धमकी भरे फोन, क्या कोई साजिश हो रही है?

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टैक्टर मार्च से पहले ही किसानों को धमकी भरे फोन

कृषि कानूनों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शन को दो महीने हो गए हैं। केंद्र सरकार के साथ किसानों की 11 बार बैठकें हो चुकी है। लेकिन अभी भी कोई रास्ता नहीं निकल सका है। सरकार ने किसानों के सामने कानून को टालने का विकल्प दिया है। हालांकि किसानों ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया।

अब तक जितने भी बैठक हुए हैं उनमें कोई ठोस नतीजा नहीं निकलने पर किसानों ने अपने आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। किसान संगठन 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर टैक्टर मार्च निकालेंगे।

टैक्टर मार्च को सही तरीके से संचालित करने के लिए यूपी, दिल्ली और हरियाणा पुलिस आपसी सहयोग से मार्च के लिए रास्ता तय करेगी।

उधर 22 जनवरी की रात को एक शख्स ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि उन्हें मारने की साजिश की जा रही है। उन्होंने मीडिया के सामने दावा किया कि 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर मार्च में 4 लोगों को शूट करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि 10 लोगों को आंदोलन में हिंसा फैलाने के लिए बुलाया गया है।

अगर इस शख्स की बात का यकीन किया जाय तो सचमुच यह एक गंभीर मामला है। द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में कहा गया है कि किसान नेताओं को 22 जनवरी को धमकी भरे फोन आए। ये फोन कीर्ति किसान यूनियन के अध्यक्ष डॉ. दर्शन पाल और भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत को आया।

उधर दिल्ली पुलिस किसानों के टैक्टर मार्च के देखते हुए अपनी तैयारियों में जुटा है। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ट्रैक्टर मार्च को रोकने की याचिका को खारिज कर दिया था और दिल्ली पुलिस को निर्णय लेने के लिए कहा गया था।