मोदी सरकार विपक्ष पर हुई हमलावर, मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- हम दुखी होकर यहां आए

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राज्यसभा के नेता सदन पीयूष गोयल

राज्यसभा में लगातार कई दिनों तक हंगामा हुआ। एक तरफ विपक्षी दल ने सरकार को घेरने के लिए मार्च निकाला, तो दूसरी तरफ सरकार भी विपक्ष पर हमला करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। संसद की यह लड़ाई अब सड़क पर आ गई है।

राज्यसभा के नेता सदन पीयूष गोयल ने कहा कि हम बेहद दुख के साथ यहां आए हैं। कुछ सांसदों ने मंत्री के हाथों से जब पर्चे छीन लिए और उन्हें सस्पेंड किया गया तो हमारा कहना था कि आप माफी मांग लो। इस पर भी उन्होंने माफी से इनकार कर दिया।

पीयूष गोयल ने कहा, ‘विपक्ष के सांसदों ने बेंचों पर खड़े होकर हंगामा किया। यही नहीं एक सांसद ने तो रूल बुक ही चेयर पर फेंक दी थी। यदि उस समय कोई चेयर पर होता तो कुछ भी हो सकता था। नीचे सेक्रेटरी जनरल बैठते हैं, उन पर भी लग सकती थी। इससे न सिर्फ कोई घायल होता बल्कि कुछ भी हो सकता था। यह एक तरह का कातिलाना हमला था।’

विपक्ष पर बरसते हुए संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि मॉनसून सेशन के पहले दिन से ही विपक्ष का बर्ताव सही नहीं था। वे संसद को चलने नहीं देना चाहते थे और इस बात का पूरा खुलासा टीएमसी और कांग्रेस के सांसदों ने कर दिया। इससे सेशन पूरी तरह से धुल गया।

उन्होंने कहा कि विपक्ष की ओर से नए मंत्रियों का परिचय तक नहीं कराने दिया गया। हमारी ओर से विपक्ष से कई बार निवेदन किया गया, लेकिन वे नहीं माने। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस तरह से उपद्रव करने के बाद भी उन्हें अच्छा लग रहा है और उन्हें लगता है कि जैसे किसी स्वतंत्रता सेनानी जैसा काम उन्होंने किया है।

राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए

विपक्ष पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इससे पता चलता है कि आखिर उनकी सोच क्या है। हम चेयरमैन से उपद्रव करने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई किए जाने की मांग करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी माफी की मांग की।

इससे पहले बुधवार को बीजेपी के कई नेताओं ने राज्यसभा के चेयरमैन वेंकैया नायडू से मुलाकात की थी। बता दें कि मंगलवार और बुधवार को राज्यसभा में जमकर हिंसा हुई थी और सांसद आपस में झड़प करते दिखे थे। इस बात को लेकर सरकार और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं।