चुनाव आते ही बदले ममता के सुर, किया चंडीपाठ और शिवरात्रि पर जारी करेंगी मेनिफेस्टो

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कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव के मद्देनजर राज्य में हवा का रुख भांफकर ममता बनर्जी ने चंडीपाठ किया। ममता बनर्जी पर अक्सर पश्चिम बंगाल में हिंदू विरोधी होने का आरोप लगता रहा है। चुनाव में नंदीग्राम विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऐलान कर चुकीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को नंदीग्राम में रैली की।

नंदीग्राम रैली में ममता बनर्जी ने मंच से ही दुर्गासप्तशती का पाठ भी किया। उन्होंने नंदीग्राम के आंदोलन और अपने संघर्ष को दोहराया। ममता बनर्जी ने कहा, ”सिंगूर के बाद नंदीग्राम का ही आंदोलन हुआ था। मैं गांव की बेटी हूं। नंदीग्राम के दौरान मुझ पर बहुत से अत्याचार हुए थे। मैं अपना नाम भूल सकती हूं, लेकिन नंदीग्राम नहीं।”

मंच से ही चंडीपाठ करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि मैं हिंदू हूं, कोई मुझे हिंदुत्व न सिखाए। मुझे नंदीग्राम आने से रोका गया था। यदि उस दौर में नंदीग्राम की मां और बहनें आगे न आतीं तो मूवमेंट नहीं होता।”

ममता बनर्जी ने कहा, ”मैंने लोगों की मांग के चलते नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का फैसला किया। मैंने मन बना लिया था कि मैं इस बार या तो सिंगूर से या फिर नंदीग्राम से चुनाव लड़ूंगी। नंदीग्राम की सीट खाली हो गई थी, इसलिए यहां से लड़ने का फैसला किया।”

ममता बनर्जी ने इस रैली में 11 मार्च को यानी शिवरात्रि के दिन पार्टी का मेनिफेस्टो जारी करने का भी ऐलान किया है। वह 10 मार्च को पर्चा दाखिल करने वाली हैं। 2016 में इस सीट पर 67 फीसदी से ज्यादा वोट हासिल करने वाले शुभेंदु अधिकारी को बीजेपी ने ममता बनर्जी के खिलाफ मैदान में उतारा है।