उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी के बीच समाजसेवी संजीव राय संकटमोचक की भूमिका में

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उत्तर प्रदेश में कोरोना महामारी

संतोष कुमार। उत्तर प्रदेश में कोरोना की महामारी तकरीबन तमाम बड़े शहरों में आपदा का रूप ले चुकी है। आज के दौर में यह आम शिकायत है कि अस्पतालों में बेड की कमी है तो कहीं दवाई की, तो कहीं ऑक्सीजन की क़िल्लत है।

इस संकट की घड़ी में समाजसेवी लोग भी अपनी जिम्मेदारी को समझकर अपनी भूमिका अपने अंदाज में निभा रहे हैं और वह भी बिना प्रचार-प्रसार के। इस आपदा की घड़ी में हजारों लोग संकटमोचक की भूमिका निभा रहे हैं। समाजसेवी से लेकर राजनेता तक, ब्यूरोक्रेट से लेकर आम आदमी हर कोई आपदा पीड़ित को मदद के लिए हाथ बढ़ा रहे हैं। इन्हीं में से एक हैं संजीव राय।

समाजसेवी संजीव राय का कहना है कि संकट बड़ा है तो सभी को मिलकर साथ चलना होगा और हाथ से हाथ मिलाते रहेंगे तो मुश्किलें भी आसान होती रहेगी। यह जिम्मेदारी सिर्फ सरकार की नहीं है। यह जिम्मेदारी हमारी भी है, आपकी भी है।

समाजसेवी संजीव राय
समाजसेवी संजीव राय

संजीव राय मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के जजौली चकराजमान के रहनेवाले हैं। लेकिन जबसे करोना महामारी का दौर शुरू हुआ है, तभी से संजीव राय खामोशी से लोगों की मदद कर रहे हैं। बात चाहे लॉकडाउन के दौरान समाज सेवा की हो या फिर इस आपदा में लोगों को हर संभव मदद मुहैया कराने की। किसी को अस्पताल में बेड दिलाने में, तो किसी को रेमड़ेसीविर दवाई उपलब्ध कराने में, तो किसी को ऑक्सीजन का सिलेंडर दिलवाने में। लेकिन सबकुछ खामोशी के साथ बिना प्रचार-प्रसार के अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

तहकीकात इंडिया ने जब समाजसेवी संजीव राय से उनके सेवा धर्म के बारे में बात की तो उन्होंने कहा कि “यह हमारी जिम्मेदारी है। मैं इसको प्रचार-प्रसार के तौर पर नहीं लेना चाहता। मेरा काम खामोशी से पीड़ित लोगों की मदद करना है और वह मैं अपना धर्म निभा रहा हूं। मैं नहीं चाहता कि मेरा कोई खबर छपे। मेरा काम है लोगों की मदद कर दो और यही काम मैं कर रहा हूं। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि मुझे इतनी शक्ति भगवान दे कि मैं लोगों की मदद करता रहूं। आर्थिक तौर पर सामाजिक तौर पर।

संजीव राय ने तहकीकात इंडिया से कहा कि यह चुनौती बहुत बड़ी है। इसलिए सिर्फ मेरे मदद से लोगों का भला नहीं होने वाला है बल्कि हम जैसे लाखों लोगों को इकट्ठा होना होगा। सरकार और व्यवस्था अपने स्तर पर काम कर रही है और हम लोगों को भी, आम नागरिक को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और उस जिम्मेदारी को निभाना भी होगा तभी हम इस महामारी से लोगों को राहत दिला पाएंगे।

यूपी में कुल केस 1.37 मिलियन

उत्तर प्रदेश में 25,770 नए केस के साथ कुल कोरोना संक्रमण के 1.37 मिलियन केस हो चुके हैं। वहीं राज्य में अबतक 13,798 लोगों की मौत हो चुकी है। पिछले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश में 351 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। पिछले एक सप्ताह की बात करें तो उत्तर प्रदेश में 21 अप्रैल से 4 मई तक 4 लाख 58 हजार 778 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं।

राज्य के पांच बड़े शहरों की स्थिति

उत्तर प्रदेश के कुछ बड़े शहरों की बात करें तो राजधानी लखनऊ में कुल एक्टिव केस 33,689 हैं। वहीं कानपुर नगर में 13,193 कोरोना के एक्टिव मरीज हैं। वाराणसी में 12,888 एक्टिव केस हैं और प्रयागराज में 10,101 एक्टिव केस कोरोना के हैं। मेरठ में कुल एक्टिव केस 11 हजार 373 हैं।

अगर एक्टिव केस की बात करें यूपी देशभर में चौथे स्थान पर है। सबसे ज्यादा केस महाराष्ट्र में 6,41,910 है, जबकि दूसरे नंबर पर कर्नाटक (4,64,363) तीसरे नंबर पर केरल (3,56,868) और चौथे नंबर पर उत्तर प्रदेश (2,72,568) है।

2 मई से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा

राज्य में कोरोना से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार तीन दिनों से बढ़ रहा है। 2 मई को राज्य में कोरोना से 288 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं 3 मई को कोरोना संक्रमण से 285 और 4 मई को 351 लोगों की मौत हो गई। हालांकि नए केस में कमी देखने को मिली है।

2 मई को जहां 30 हजार 857 कोरोना के नए केस आए थे तो वहीं 3 मई को यह घटकर 29 हजार 52 केस नए केस सामने आए थे। 4 मई को राज्य में 25 हजार 770 नए केस सामने आए हैं। यूपी के लखनऊ में कोरोना के केस में गिरावट आई है। 24 घंटे में यहां 5079 लोग डिस्चार्ज हुए हैं। 2407 नए केस मिले और 22 लोगों की मौत हुई है।