UP: पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की बेटी की कोरोना से मौत, अस्पताल पर लापरवाही का आरोप, जांच के लिए कमेटी गठित

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पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की बेटी

वाराणसी। प्रसिद्ध ठुमरी गायक पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र की बड़ी बेटी संगीता मिश्रा का कोरोना से निधन हो गया। पं. छन्नूलाल मिश्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रस्तावक भी हैं। परिवार ने अस्पताल पर वसूली और इलाज नहीं मिलने पर तड़प-तड़प कर मृत्यु का आरोप लगाया है। इस मामले में अब जांच कमेटी का गठन हो गया है। जिलाधिकारी कौशल राज वर्मा ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।

कमेटी संगीता मिश्रा की मौत से जुड़े सभी तथ्यों की जांच करेगी और फिर जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इससे पहले 26 अप्रैल को पद्मविभूषण छन्नूलाल मिश्र की पत्नी का भी निधन हो गया था। इसके तीन दिन बाद 29 अप्रैल को उनकी बड़ी बेटी संगीता मिश्रा का भी इलाज के दौरान निधन हो गया।

मामला पद्मविभूषण पं. छन्नूलाल मिश्र से जुड़े होने से प्रशासनिक महकमें में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने पं. छन्नूलाल मिश्र के परिवार के दुख को कष्टकारी बताया और डीसीपी काशी को जांच का आदेश दिया है। इसके बाद डीसीपी काशी जोन ने सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली को जांच कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है।

छोटी बेटी ने लगाया लापरवाही का आरोप, मुकदमा दर्ज कराएंगी

प्रख्यात शास्त्रीय गायक पं. छन्नूलाल मिश्र की सबसे छोटी बेटी डॉ. नम्रता मिश्रा ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार ने इलाज का सीसीटीवी फुटेज भी अस्पताल प्रबंधन से मांगा है।

डॉ नम्रता मिश्रा ने बताया कि दीदी संगीता मिश्रा की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद हम लोग उनको लेकर मेडविन अस्पताल में दिखाने गए थे। जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद बताया कि उनको भर्ती करना पड़ेगा। भर्ती करने के लिए अस्पताल ने डेढ़ लाख रुपये भी जमा कराए। भर्ती करने के दो दिन बाद हम लोगों ने अस्पताल प्रबंधन से दीदी से मुलाकात या फोन पर वीडियो कॉल या फिर सीसीटीवी में देखने के लिए कहा तो अस्पताल प्रबंधन ने मना कर दिया।

बतौर नम्रता मिश्रा – उसके बाद हम लोग प्रधानमंत्री कार्यालय को सूचित किया। उसके बाद उसी दिन शाम को डीएम कौशलराज शर्मा ने मामले में हस्तक्षेप किया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बात किया तब डॉक्टरों ने दीदी से एक बार वीडियो कॉल पर बात कराया। उसके तीन दिन बाद भोर में 2:55 बजे अस्पताल से फोन आया कि सॉरी हम लोग संगीता मिश्रा को नहीं बचा पाए।

छोटी बेटी डॉ नम्रता मिश्रा ने कहा कि इस सम्बंध में हम अस्पताल प्रबंधन से भर्ती वाले दिन से लेकर मृत्यु के समय तक का सीसीटीवी फुटेज मांगे हैं। यदि वह दे देते हैं और इलाज से हम सन्तुष्ट नहीं होंगे तब हम अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराएंगे।