उत्तराखंड के चमोली में प्राकृतिक कहर, सुबह-सुबह ग्लेशियर फटा, मचा भारी तबाही

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नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली में रविवार सुबह को ग्लेशियर फटने से भारी तबाही हुई है। ग्लेशियर फटने से धौली नहीं में बाढ़ आ गई है। इससे चमोली से हरिद्वार तक खतरा बढ़ गया है। सूचना मिलते ही प्रशासन की तरफ से राहत और बचाव कार्य किया जा रहा है। चमोली नदी किनारे बसी हुई बस्तियों को तीजे से हटाने का काम किया जा रहा है।

मौके पर मौजूद पुलिस लाउडस्पीकर से लोगों को अलर्ट कर रही है। वहीं उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में अलकनंदा नदी के किनारे बने मकान से लोगों को खाली कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि ऋषि गंगा और तपोवन हाईड्रो प्रोजेक्ट पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि अगर आप प्रभावित क्षेत्र में फंसे हैं और आपको किसी भी प्रकार की मदद की जरूरत है को कृपया आपदा परिचालन केंद्र के नंबर 1070 पर संपर्क करें। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की है कि कृपया घटना के बारे में पुराने वीडियो से जरिए अफवाह न फैलाएं।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने आपदा प्रबंधन के सचिव से पूरी जानकारी ली है। मुख्यमंत्री लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राज्य सरकार ने सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि लोग गंगा किनारे न जाएं।

बताया जा रहा है कि ग्लेशियर के फटने से वहां का बांध पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। आसपास के नदियों में बाढ़ आ गई है। तपोवन बैराज पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। प्रशासन नदी में काम कर रहे मजदूरों को भी हटाया जा रहा है।