सरकार से दो-दो हाथ की तैयारी में ट्विटर, नहीं दी सरकार को अभी तक कोई जानकारी

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Twitter in preparation for two hands with the government, did not give any information to the government yet

नई दिल्ली। भारत सरकार के नए आईटी नियमों के अनुपालन को लेकर भारत में मौजूद सोशल मीडिया कंपनियों ने केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और नियम के पालन से संबंधित सरकार को उपलब्ध करा दिया है। हालांकि ट्विटर ने अभी तक केंद्र सरकार को कोई जानकारी नहीं दी।

ट्विटर के इस रूख के बाद ऐसा लग रहा है कि यह विवाद फिलहाल अभी थमने का नाम नहीं ले रहा है। ट्विटर इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष माहेश्वरी ने शुक्रवार को एक स्लोगन ट्वीट किया। स्लोगन का अर्थ है, ‘यह मुश्किल होने वाला है लेकिन मुश्किल का मतलब असंभव नहीं है।’

बता दें कि दिल्ली पुलिस ने बीते गुरुवार कंटेंट फिल्टरिंग को लेकर मनीष माहेश्वरी से सवाल किए थे। दिल्ली पुलिस ने कहा था कि माहेश्वरी सवालों से बच रहे हैं। माहेश्वरी ने कथित तौर पर पुलिस से यह कहा था कि वह सिर्फ सेल्स हेड हैं और कंटेंट से जुड़े ऑपरेशंस में उनकी कोई भूमिका नहीं है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि गूगल, फेसबुक, व्हाट्सएप, टेलीग्राम, लिंकडइन और शेयर चैट ने मंत्रालय द्वारा मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराई हैं जबकि ट्विटर ने ऐसा नहीं किया।

सूत्रों ने बताया कि ट्विटर अभी भी नियमों का पूरी तरह पालन नहीं कर रहा है। मंत्रालय को गुरुवार को ट्विटर की ओर से जानकारी दी गई कि वह भारत में कार्यरत एक कानूनी फर्म के वकील को नोडल संपर्क अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी के रूप में नियुक्त कर रहा है।

मंत्रालय का कहना है कि नियमों का तकाजा है कि सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा नियुक्त किए गए निर्धारित अधिकारी कंपनी के ही कर्मचारियों और भारत के निवासी हों। सूत्रों ने बताया कि ट्विटर ने मुख्य अनुपालन अधिकारी की नियुक्ति के बारे में मंत्रालय को अभी तक कोई जानकारी नहीं दी है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने फरवरी महीने में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए दिशा निर्देश और नियम जारी किए थे जिसके अंतर्गत उन्हें मुख्य अनुपालन अधिकारी, नोडल संपर्क अधिकारी और शिकायत निवारण अधिकारी की नियुक्ति करनी थी। नियमों का पालन करने के लिए इन कंपनियों को 3 महीने का समय दिया गया था यह अवधि 25 मई को समाप्त हो गई।

उसके बाद मंत्रालय ने इन कंपनियों को तुरंत अनुपालन संबंधी रिपोर्ट देने का निर्देश दिया था। ट्विटर ने इस निर्देश का पालन करने में आनाकानी की थी तथा इसके साथ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मुद्दों को जोड़ा था।