प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को करेंगे “प्रधानमंत्री उज्जवला योजना” के दूसरे चरण का शुभारंभ

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प्रधानमंत्री उज्जवला योजना
प्रधानमंत्री उज्जवला योजना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मंगलवार को “प्रधानमंत्री उज्जवला योजना” (पीएमयूवाई) के दूसरे चरण का शुभारंभ करेंगे। इसमें मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन के लिए प्रवासियों को राशन कार्ड या एड्रेस प्रूफ जमा करने की जरूरत नहीं होगी। पीएमयूवाई के पहले चरण (2016 से 2019) में सरकार ने 8 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन मुहैया कराए थे।

प्रधानमंत्री कार्यालय की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी 10 अगस्त को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तर प्रदेश के महोबा में एलपीजी कनेक्शन सौंपकर उज्जवला 2.0 (पीएमयूवाई) का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान उज्जवला के लाभार्थियों से बातचीत करेंगे और राष्ट्र को संबोधित भी करेंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप पुरी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 1 मई 2016 को “प्रधानमंत्री उज्जवला योजना” (पीएमयूवाई) के पहले चरण का शुभारंभ किया था। योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन बिताने वाले (बीपीएल) परिवारों की 5 करोड़ महिला सदस्यों को रियायती एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया था।

अप्रैल 2018 में योजना का विस्तार करते हुए इसमें सात और श्रेणियों (एससी/एसटी, पीएमएवाई, एएवाई, सबसे पिछड़ा वर्ग, चाय बागान, वनवासी, द्वीप समूह) से महिला लाभार्थियों को शामिल किया गया। साथ ही, लक्ष्य को संशोधित कर 8 करोड़ एलपीजी कनेक्शन कर दिया गया। यह लक्ष्य पूर्व निर्धारित तिथि से सात महीने पहले ही अगस्त 2019 में हासिल कर लिया गया।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2021-22 के केंद्रीय बजट में पीएमयूवाई योजना के तहत एक करोड़ अतिरिक्त एलपीजी कनेक्शन के प्रावधान की घोषणा की थी। इन एक करोड़ अतिरिक्त पीएमयूवाई कनेक्शन (उज्जवला 2.0 के तहत) का उद्देश्य उन कम आय वाले परिवारों को जमा-मुक्त एलपीजी कनेक्शन प्रदान करना है, जिन्हें पीएमयूवाई के पहले चरण के तहत कवर नहीं किया जा सकता था।

जमा मुक्त एलपीजी कनेक्शन के साथ, उज्जवला 2.0 लाभार्थियों को पहली रिफिल और हॉटप्लेट मुफ्त प्रदान किया जाएगा। साथ ही, नामांकन प्रक्रिया के लिए न्यूनतम कागजी कार्रवाई होगी। उज्जवला 2.0 में प्रवासियों को राशन कार्ड या एड्रेस प्रूफ जमा करने की जरूरत नहीं होगी। ‘पारिवारिक घोषणा’ और ‘निवास के प्रमाण’ दोनों के लिए एक स्व-घोषणा पर्याप्त होगी।