बंगाल में भयावह होता कोरोना संक्रमण, 24 घंटे में पांच डॉक्टरों की मौत

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बंगाल में कोरोना संक्रमण

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में कोरोना महामारी न केवल आम जनों को बल्कि कोरोना योद्धाओं को भी मौत की नींद सुला रही है। बंगाल में कोरोना से 24 घंटे में पांच चिकित्सकों की मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों ने बताया है कि सूबे में अबतक कोरोना की चपेट में आकर 127 चिकित्सकों की मौत हो चुकी है। चिकित्सकों की मौत पर वेस्ट बंगाल डॉक्टर्स फोरम ने गहरा शोक जताया है।

जानकारी के मुताबिक, कोलकाता के ढाकुरिया इलाके में स्थित आमरी अस्पताल में पैथोलॉजिस्ट सुबीर दत्ता (85) की कोरोना से मौत हो गई। तालतल्ला के साइंटिफिक क्लिनिकल रिसर्च लाइब्रेरी के अधिकारी रहे सुबीर दत्ता 1990 से 1995 तक कलकत्ता विश्वविद्यालय के मेडिकल विभाग के डीन पद पर थे। गत 25 अप्रैल को सांस में तकलीफ की समस्या लेकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उसी दिन से वे वेंटीलेटर पर चले गए थे।

दूसरी तरफ वरिष्ठ चिकित्सक उत्पल सेनगुप्ता की कोलकाता के अपोलो अस्पताल में कोरोना से मौत हो गई। नीलरतन सरकार मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पूर्व चिकित्सा सतीश घाटा की भी कोरोना ने जान ले ली। मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज के पूर्व चिकित्सक संदीपन मंडल की भी कोरोना की चपेट में आने से मौत हुई है।

वर्तमान में वे मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज के एसएनसीयू में मेडिकल ऑफिसर के पद पर थे। ईईडीएफ अस्पताल में कोरोना संक्रमित होकर स्त्री रोग विशेषज्ञ दिलीप चक्रवर्ती की मौत हो गई। डॉक्टर्स फोरम के संयोजक डॉक्टर पुण्यब्रत गुन ने कहा कि कोरोना महामारी के इस कठिन दौर में भी चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मी अपनी जान जोखिम में डालकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमित होने पर डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने की जरूरत है। उनके परिवारों की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार को लेनी चाहिए।