कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानूनों को वापस न लेने की बताई यह वजह, जानें

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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर

नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि कानूनों को किसानों के लिए बेहद आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि आजादी के समय देश की जीडीपी में कृषि का हिस्सा लगभग आधा हुआ करता था। लेकिन यह अब बहुत कम हो गया है। इसके विपरित दूसरे क्षेत्र कृषि से बहुत आगे निकल गए।

उन्होंने कहा कि इसका सबसे बड़ा कारण रहा कि दूसरे क्षेत्रों में समय-समय पर बदलाव किए गए। उनके लिए नए-नए कानून बनाए गए और उनके लिए निजी पूंजी का रास्ता साफ किया गया। लेकिन कृषि में समय के साथ कोई बदलाव नहीं किया गया। जिसके कारण दूसरे क्षेत्रों से यह पिछड़ गया।

गुरुवार को पूसा किसान मेले में किसानों को संबोधित करते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज देश के 86 फीसदी किसानों के पास दो हेक्टेयर से भी कम भूमि है। इनमें कोई बड़ा निवेश नहीं हो पाता। इससे इन किसानों को कोई फायदा नहीं पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि इससे उनकी खेती कर्ज में डूबती जाती है और घाटे का सौदा बनी रहती है। इस स्थिति से निराश किसानों के बेटे खेती छोड़ रहे हैं। वे शहरों में जाकर नौकरी की तलाश कर रहे हैं। लेकिन यदि खेती को ही लाभ का सौदा बना दिया जाता, तो यह पलायन रुक सकता है। नए कृषि कानूनों से सहारे सरकार यही करने की कोशिश कर रही है।