देश के नाम PM का संदेश LIVE: सोचिए भारत की अपनी वैक्सीन न होती तो क्या होता?

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पीएम मोदी लाइव

कोरोना की दूसरी लहर के बीच पीएम मोदी का संबोधन हो रहा है। पीएम मोदी इस समय कोरोना संक्रमण के दौरान ऑक्सीजन संकट और दवाओं की संकट पर बात कर रहे हैं। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया में वैक्सीन की डिमांड ज्यादा है लेकिन इसे बनाने वाली कंपनियाँ कम हैं।

PM Modi Live: 

– जबसे भारत में वैक्सीन का काम शुरू हुआ, तभी से कुछ लोगों द्वारा ऐसी बातें कही गई, जिसके आम लोगों के मन में शंका पैदा हुई। जब भारत में वैक्सीन आई तो कई तरह के तर्क दिए गए वैक्सीन न लगवाने के। जो लोग वैक्सीन को लेकर अफवाहें फैला रहे हैं, वो भोले-भाले भाई- बहनों के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ कर रहे हैं। मैं युवाओं से अपील करता हूं कि वैक्सीनेशन प्रक्रिया में सहयोग करें।

– हर सरकार, जनप्रतिनिधि की ये सामूहिक जिम्मेदारी है कि हर नागरिक तक वैक्सीन पहुंच सके। आज सरकार ने फैसला लिया है कि पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना को दीपावली तक आगे बढ़ाया जाएगा। सरकार गरीब के साथ साथी बनकर खड़ा है।

– कोरोना से लड़ाई में 130 करोड़ भारतीय जनता ने आपसी सहयोग दिखाया है। हम वैक्सीन प्राप्ति की गति को आगे बढ़ाएंगे। भारत में आज भी वैक्सीनेशन की प्रक्रिया पूरी दुनिया से तेज है। कोविन एप प्लेटफॉर्म को दुनिया के कई देशों ने इस्तेमाल करने में रूचि दिखाई है।

– जो लोग मुफ्त में वैक्सीन नहीं लेना चाहते हैं, उनके लिए 25 फीसदी वैक्सीन प्राइवेट अस्पताल सीधे वैक्सीन निर्माता से खरीद सकेंगे। वैसे लोग सीधे प्राइवेट अस्पताल से वैक्सीन ले सकेंगे।

– साथियों, आज ये निर्णय लिया गया है कि राज्यों के पास वैक्सीनेशन की जिम्मेदारी 25 प्रतिशत थी। उसकी जिम्मेदारी अब भारत सरकार उठाएगी। दो सप्ताह बाद 21 जून सोमवार से देश के हर राज्य में 18 वर्ष के ऊपर के सभी नागरिकों के लिए भारत सरकार मुफ्त वैक्सीन राज्यों को देगी। वैक्सीन का 75 फीसदी हिस्सा भारत सरकार खुद खरीदेगी और राज्य सरकारों को देगी।

– वैक्सीनेशन के इतने बड़े काम में किस तरह की कठिनाइयां है। विश्व में वैक्सीन की स्थिति क्या है, इसकी स्थिति का आंकलन होने के बाद राज्य सरकारों को भी वैक्सीनेशन को लेकर चिंता दूर हुई।

– सेकेंड वेव के दौरान अप्रैल और मई के महीने में भारत में मेडिकल ऑक्सीजन की डिमांड अकल्पनीय रूप से बढ़ गई थी। भारत के इतिहास में कभी भी इतनी मात्रा में मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत महसूस नहीं की गई। इस जरूरत को पूरा करने के लिए युद्धस्तर पर काम किया गया। सरकार के सभी तंत्र लगे।

– पीएम मोदी ने कहा, कोरोना की दूसरी लहर की लड़ाई जारी है। अन्य देशों की तरह भारत इस पीड़ा से गुजरा है। कई लोगों ने अपने परिजनों को खोया है।

– बीते सौ वर्षों में आई ये सबसे बड़ी महामारी है, त्रासदी है। इस तरह की महामारी आधुनिक विश्व ने न देखी थी, न अनुभव की थी। इतनी बड़ी वैश्विक महामारी से हमारा देश कई मोर्चों पर एक साथ लड़ा है।

– साथियों, इतने कम समय में वैक्सीन बनाना, पूरी मानवता के लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है। लेकिन इसकी भी अपनी सीमाएं हैं। WHO ने वैक्सीनेशन को लेकर गाइडलाइन दी। वैज्ञानिकों ने इसकी रूपरेखा रखी। भारत ने WHO के मानकों के आधार पर चरणबद्ध तरीके से वैक्सीनेशन प्रारंभ किया।

– पिछले काफी समय से देश जो परिश्रम कर रहा है, उससे देश में वैक्सीन की उपलब्धता बढ़ने वाली है। भारत में फिलहाल 7 कंपनियाँ वैक्सीन का निर्माण कर रही हैं। इसके साथ-साथ विश्व के दूसरे देशों की कंपनियों से भी सहयोग की बात हो रही है।

– हमने देश के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया। हम शत-प्रतिशत टीकाकरण की तरफ से बढ़ रहे थे तभी कोरोना ने घेर लिया। पूरी दुनिया को आशंका थी कि भारत इससे कैसे लड़ेगा। लेकिन साथियों, हर आशंका को दरकिनार करते हुए भारत ने दो मेड इन इंडिया वैक्सीन लॉन्च कर दिया।

– 2014 में जब जनता ने हमें अवसर दिया तो भारत में वैक्सीनेशन का कवरेज सिर्फ 60 फीसदी था। यह चिंता का विषय था। जिस रफ्तार से टीकाकरण चल रहा है, उस रफ्तार से टीकाकरण का लक्ष्य हासिल करने में 40 साल लग जाते। हमने इसके समाधान के लिए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम शुरू किया। हमने प्रयास किया और सिर्फ पांच साल में ही वैक्सीनेशन कवरेज बढ़कर 60 से 90 फीसदी हो गई।

– मुझे पूरी विश्वास है कि भारत कोरोना से जीतेगा। इन्ही शुभकामनाओं के साथ आप सभी देशवासियों को बहुत-बहुत धन्यवाद।