भारत ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान की खोली पोल, कहा- अफगान में आतंक रोकना पाकिस्तान के हाथ में

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अफगानिस्तान में आतंकवाद

अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद बुधवार को भारत और रूस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार की बैठक हुई। बैठक में भारत ने रूस के सामने एक बार फिर से पाकिस्तानी कारनामों का काला चिट्ठी खोला और बताया कि कैसे भारत विरोध आतंकी गुट जैसे लश्कर एक तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद के साथ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की सांठगांठ जारी है।

इस हाई लेवल मीटिंग में भारत ने स्पष्ट किया कि आईसआई के तालिबान के साथ भी संबंध हैं और ऐसे में पाकिस्तान की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है कि वह अफगानिस्तान में आतंकवाद को रोकने का काम करे।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने अपने रूसी समकक्ष जनरल निकोलाय पेत्रुसेव को बताया कि पाकिस्तान की विशेष जिम्मेदारी है कि वह यह सुनिश्चित करे कि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और भारत-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए न किया जाए।

बता दें कि बीते कुछ हफ्तों में भारत ने यह कई बार कहा है कि अब पहली प्राथमिकता यह है कि पाकिस्तान के आतंकी संगठन अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल न कर सकें।

दोनों पक्षों ने अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद संभावित सुरक्षा प्रभावों के संबंध में अपने-अपने आकलन से एक-दूसरे को अवगत कराया तथा यह विचार किया कि किसी भी संभावित चुनौती का सामना करने के लिए किस प्रकार समन्वित दृष्टिकोण का पालन किया जा सकता है।